दिल्ली चुनाव का केजरीवाल पे असर ,हार का असर या जीत की बाज़ी
एग्जिट पोल की माने तो इस बार की चुनावी हवा भारतीय जनता पार्टी की ओर रुख कर रही है। आम आदमी पार्टी जहाँ एक और सत्ता बचाने की चुनौती से जूझ रही हैं वही एग्जिट पोल के आकड़े बिलकुल उलट दिख रहे हैं , वैसे एग्जिट पोल हर बार सही तो साबित नही होते लेकिन अगर इस बार हुए तो बीजेपी करीब 27 साल बाद दिल्ली के दिल में वापसी कर लेगी।
बीते एक दशक में आम आदमी पार्टी ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पंजाब में भी पूर्ण बहुमत का परचम लहरा के राष्ट्रीय पार्टी के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुकी हैं और इस बार की चुनावी हार आम आदमीं पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी हार साबित होगी। कई बड़े नेताओ का जेल जाना और शराब घोटालो के आरोप ने पार्टी के ऊपर जनता के भरोसे को हिला दिया हैं। ये सारी घटनाओ का असर पार्टी पर दिखने वाला हैं। आम तौर पर आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के आरोपों पर तल्ख़ बयानंदाजी करती हैं किन्तु इस बार सबने मौन साधा हुआ है.
तिहाड़ जेल से आने के बाद अरविन्द केजरीवाल का बयान की अब जनता के फैसले और प्यार के बाद ही वो दोबारा मुख्यमंत्री का पद संभाल कर जनता की सेवा करेंगे।
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