भारत में पीने का पानी कितना शुध्द हैं ? , पानी बर्बाद होने से कैसे बचाए ?

भारत में 140 करोड़ की आबादी वाली देश में मात्र 18% से 25% तक ही पीने का पानी शुध्द बचा हैं . इसका मतलब भारत में जीतनी तेजी से भारत की आबादी बढ़ती नजर आरही हैं उतना ही देश में पीने का पानी खत्म होता दिखाई दे रहा हैं . वही भारत के कई राज्यों में तो शुध्द पीने का पानी तक नहीं बचा हैं . जल संसाधन मंत्रालय के रिर्पोट में पता चला की भारत के 639 जिलाओं में से 158 जिलाओं में पीने का पानी खत्म और प्रदूषित भी होगया हैं . एक रिर्पोट के मुताबिक भारत की 100% में से 70% जल प्रदूषित हैं .भारत सरकार हर घर जल नल योजना के तहत इस समस्या को दूर करने की कोशिश तो हैं पर कितना असरदार होगा वह भविष्य का समय ही बताएगा .
भारत में जब पीने का पानी खत्म हो जाएगा तो क्या स्थिती बन सकती हैं ?
भारत देश का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर हैं और आबादी 140 करोड़ से ऊपर . जरा सोचाए बड़े-बड़े शहरों में शुबह – शाम पानी आती हैं वो भी रिफ़ाइनरी होकर वहा पानी जब नहीं मिलेगा तो क्या होगा वहा की आबादी का ?

भारत में कब – कब पानी के लिए तरसे लोग ?
भारत में कई राज्यों के एसे जमीन हैं जहाँ ठंडी में ही पीने का पानी की कमी देखने को मिलने लगता हैं .सबसे ज्यादा परेशान राजस्थान राज्य होता हैं जब पानी धरती देना बंद कर देती हैं .
भारत में पीने का पानी कहाँ बर्बाद होती हैं ?
भारत में लगभग सभी जगह पीने का पानी बर्बाद होता हैं जैसे – फ्लशिंग , नहाने , हाथ धोने , शेविंग , टंकी भरने के बाद मोटर चलना , पानी बाटने और वाटर प्यूरिफायर करने से होती हैं .
हमे पानी को क्यों बचाना चाहिए ?
भारत में आने वाले समय में पीने का पानी के लिए भटकना पड़ सकता हैं और लोग वही अधिक भागेंगे जहाँ पानी की मात्रा अधिक देखने को मिलेगा . इसलिए हमें आज से ही यह सोचना होगा की पानी को बर्बाद होने से कैसे बचाए और पानी बचाने पर कैसे अमल करें .
पीने का शुध्द पानी को कैसे बचाए ?
हम अपने जीवन में कुछ एसा संकल्प ले सकते हैं जो भविष्य के लिए वर्दान साबित हो सकता हैं . विश्व में आने वाले समय में पीने का पानी के लिए लोग तरसेंगे . उस स्थिती को रोकने के लिए हम आज से पानी को बेवजह बर्बाद न करने का एक संकल्प लेते हैं और उसे अपने जीवन में अमल में लाएंगे .जहाँ भी बर्बाद होता पानी देखने को मिले उसे बर्बाद होने से रोके .