Dr. Manmohan Singh Death News : मनमोहन सिंह का निधन, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री की मृत्यु पर शोक की लहर
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) का आज निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी मृत्यु से देश में शोक की लहर दौड़ गई है, और राजनीति, समाज, तथा जनता के सभी वर्गों ने उनके योगदान को सराहा।
मनमोहन सिंह (Manmohan Singh): भारतीय राजनीति के स्तंभ
डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) ने भारतीय राजनीति में अपना स्थान बनाया था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे और 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था में कई सूधार किए , जिनका प्रभाव आज भी देखा जाता है। उन्हें एक योग्य और सम्मानित आर्थिक नीति निर्माता के रूप में जाना जाता था।
मनमोहन सिंह की प्रारंभिक शिक्षा पंजाब विश्वविद्यालय से हुई थी और फिर उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। उनके नेतृत्व में, भारत ने आर्थिक सुधारों और वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
प्रधानमंत्री बनने से पहले की यात्रा
मनमोहन सिंह का राजनीतिक जीवन 1980 के दशक में शुरू हुआ था, जब वे भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर बने। इसके बाद, उन्होंने वित्त मंत्रालय में कार्य किया और भारत के लिए कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों की योजना बनाई। उनकी सोच और दूरदर्शिता ने उन्हें भारतीय राजनीति में एक अद्वितीय स्थान दिलाया।
मनमोहन सिंह का योगदान और विरासत
मनमोहन सिंह ने भारतीय राजनीति को स्थिरता दी और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को मजबूत किया। उनकी नीतियों ने भारतीय समाज को नए अवसरों की ओर अग्रसर किया। वे हमेशा एक विचारशील और संयमित नेता के रूप में पहचाने गए, जिन्होंने हमेशा देश की बेहतरी के लिए काम किया।
उनकी मृत्यु के बाद, भारत में हर कोने से श्रद्धांजलि और शोक संदेश आ रहे हैं।
डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, “मनमोहन सिंह जी की यात्रा भारतीय राजनीति में एक मील का पत्थर थी। उनका निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है।” इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी के नेताओं, राज्य प्रमुखों और समाज के विभिन्न वर्गों ने भी अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।
मनमोहन सिंह का योगदान भारतीय राजनीति और समाज में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से देश एक महान नेता से वंचित हो गया है, लेकिन उनकी नीतियां और दृष्टिकोण हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे।
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